कटाक्ष
व्यंग्य : सावरकर का "हत्यारा" कौन? वीर से माफीवीर तक की दुखद यात्रा
एक वीर की छवि का पतन बचपन में जिनके नारे लगाए, जिन्हें कुछ साल पहले तक देश #वीर मानता था, जिन्हें 1857 की गा…
एक वीर की छवि का पतन बचपन में जिनके नारे लगाए, जिन्हें कुछ साल पहले तक देश #वीर मानता था, जिन्हें 1857 की गा…